आधार कार्ड में जन्म प्रमाण पत्र हुआ अनिवार्य, जन्म प्रमाण पत्र (birth certificate) क्या होता है?

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जन्म प्रमाण पत्र, किसी भी बच्चे या व्यक्ति के लिए एक बहुत जरुरी दस्तावेज़ है। इसे सरकारी कामों या अन्य दस्तावेज़ बनाने के लिए आवश्यकता होती है। आजकल, स्कूल, कॉलेज, सरकारी काम या पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता है।बच्चे का जन्म होते ही, 21 दिन के भीतर हॉस्पिटल से जन्म प्रमाण पत्र दिया जाता है। अगर आपको किसी कारण से वह प्रमाण पत्र नहीं मिलता, तो आप नजदीकी पंचायत कार्यालय से भी प्राप्त कर सकते हैं।

आधुनिक युग में, भारत सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की है। आप इस वेबसाइट पर लॉगिन करके खुद या अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बना सकते हैं।

जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया

जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए दो तरीके हो सकते हैं – ऑनलाइन और ऑफलाइन। ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट (crsorgi.gov.in) पर जाकर फॉर्म भरना होगा, जबकि ऑफलाइन में निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

  1. सबसे पहले, संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय से जन्म पंजीकरण फॉर्म प्राप्त करें।
  2. अगर बच्चा अस्पताल में पैदा हुआ है, तो चीफ मेडिकल ऑफिसर से फॉर्म प्राप्त करें।
  3. फॉर्म भरने के बाद, बच्चे के जन्म से संबंधित अस्पताल द्वारा प्राप्त दस्तावेज के साथ इसे रजिस्ट्रार के पास जमा करवाएं।
  4. जन्म रिकॉर्ड का सत्यापन रजिस्ट्रार द्वारा किया जाएगा, जिसमें दिनांक, समय, जन्म स्थान, माता-पिता का नाम, और नर्सिंग होम/अस्पताल की जानकारी शामिल होगी।
  5. इसके बाद, बच्चे को जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
  6. 7 से 15 दिन के भीतर, जन्म प्रमाणपत्र आपके पते पर भेजा जाएगा।

अब जन्म प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड है जरूरी

यदि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के सेक्शन 14 के तहत, बिना बच्चे के नाम के भी जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है। इस मामले में, नाम पंजीकरण प्राधिकरण द्वारा बच्चे के जन्म पंजीकरण की तारीख से 12 महीने तक और 15 साल तक निर्धारित शुल्क के साथ दर्ज किया जा सकता है।

अगर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र 21 दिन के भीतर पंजीकृत नहीं होता, तो पुलिस राजस्व अधिकारियों के निर्देश पर जन्म और अन्य जानकारी की सत्यापन करेगी, जो कि एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने तो आधार कार्ड को जरूरी नहीं माना है, लेकिन नगर निगम प्रशासन का इस पर ध्यान नहीं है। अब, जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी प्राप्त करने के लिए अभिभावकों को निगम को आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा करनी होगी। इसके लिए निगम ने तीन जोनों में विशेष टीमें बनाई हैं, जो नवंबर 2015 के बाद पैदा हुए बच्चों के लिए आधार कार्ड बनाएगी।

नगर निगम सीमाक्षेत्र में हुए जन्मों के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनाने का काम निगम करता है, चाहे बच्चा घर में हो या अस्पताल में। आवेदन पत्र भरने के लिए दो प्रकार के फॉर्म निगम की वेबसाइट और तीनों जोनों के आईटी, बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद कार्यालयों में उपलब्ध हैं। फॉर्म भरने के बाद, जन्म प्रमाण पत्र एक सप्ताह में तैयार हो जाता है, और अभिभावक हस्ताक्षर करके पत्र ले सकते हैं। लेकिन अब नगर निगम आधार कार्ड के बिना प्रमाण पत्र नहीं देगा।

जन्म प्रमाण पत्र कहाँ से जारी किया जाता है?

जन्म प्रमाण पत्र को राज्य सरकार एक प्राधिकरण के माध्यम से जारी करती है, जिससे व्यक्ति या बच्चे का जन्म तिथि साबित होता है। यह प्रमाण पत्र राज्यों में अलग-अलग होता है, आमतौर पर तहसीलदार द्वारा दिया जाता है, लेकिन कुछ राज्यों और केंद्रीय शासित प्रदेशों में, जन्म प्रमाण पत्र जिला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर, राजस्व क्षेत्र अधिकारी, उप प्रभागीय मजिस्ट्रेट या अन्य जिला प्राधिकरण द्वारा जारी किया जा सकता है।


Birth Certificate से जुड़े कुछ प्रश्न और उनके उत्तर 

बर्थ सर्टिफिकेट से संबंधित हेल्पलाइन नंबर क्या है?

यदि आपको बर्थ सर्टिफिकेट से जुड़ी कोई समस्या हो, तो नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करें या ई-मेल करें –
फोन नंबर: 011-26107616
ई-मेल: srocrs.rgi@.nic.in

बर्थ सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं?

आप ऑनलाइन crsorgi.gov.in पर जाकर बर्थ सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं।

बर्थ सर्टिफिकेट कहां बनता है?

बर्थ सर्टिफिकेट नगर निगम में ऑफलाइन तरीके से बनवाए जाते हैं।

क्या जन्म प्रमाणपत्र बनाना जरूरी है?

हाँ, सरकार ने जन्म प्रमाणपत्र बनाना अनिवार्य कर दिया है और इससे आप सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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