पानी गीला क्यों होता है? Paani Geela Kyun Hota Hai

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम जानेंगे कि पानी यानी कि जल गीला क्यों होता है, आखिर पानी क्यूं फैलता है? यह सवाल सामान्य ज्ञान/ जनरल नॉलेज के लिए बहुत ही जरूरी है। पानी के ऊपर यह सवाल यूपीएससी आईएएस की इंटरव्यू परीक्षा में भी पूछा जा चुका है। तो चलिए, जानते हैं इस रोचक सवाल का सटीक और सही उत्तर, वो भी हिंदी में।

पानी/जल क्या है

पानी या जल एक प्रकार का द्रव्य है जो कि हाइड्रोजन और ऑक्सीजन एलिमेंट्स के मिलने से बनता है।

इसका रसायनिक फार्मूला है:

 H2O

पानी का रासायनिक फार्मूला
पानी का रासायनिक फार्मूला

पानी/जल के गीला होने के कारण को समझने से पहले यह ज़रूर पढ़ें

परमाणु क्या है

रसायन विज्ञान यानी केमिस्ट्री के अनुसार, दुनिया में कोई भी वस्तु या सामान जो भी पाया जाता है वो जिस भी चीज़ से बना होता है उस चीज़ की सबसे छोटी इकाई को परमाणु कहते हैं। परमाणु को अंग्रेजी में एटम (Atom) कहा जाता है।

जैसे पानी हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बना होता है तो यहाँ पानी में जो सबसे छोटी इकाई है, वो है हाइड्रोजन परमाणु और ऑक्सीजन परमाणु।

यानी पानी का जो केमिकल फार्मूला है H2O उसमें H ओर O परमाणु हैं।

अणु क्या है

जब कभी दो परमाणु/एटम एक साथ जुड़ जाते हैं तब जो चीज़ बनती है उसे हम अणु या मॉलिक्यूल कहते हैं। अणु को अंग्रेजी में मॉलिक्यूल (Molecule) कहते हैं।

यहां H2O जो कि पानी का रसायनिक फार्मूला है इसमें H2O एक मॉलिक्यूल है। यह मॉलिक्यूल हाइड्रोजन परमाणु और ऑक्सीजन परमाणु के मिलन से बना है।

पानी को समझने के लिए परमाणु एवं अणु
एटम और मॉलिक्यूल | परमाणु एवं अणु

गीलापन या गीला क्या होता है

गीलापन एक एहसास (feel) है और यह एहसास हमें तब होता है जब हम किसी बहुत ज़्यादा नमी वाली वस्तु के संपर्क में आते हैं जैसे पानी, दूध, जूस आदि।

विसरण (डिफ्यूज़न) क्या है

यह एक वैज्ञानिक व रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें किसी भी वस्तु के अणु या परमाणु उस तरफ भागने लगते हैं जहां उनकी मात्रा कम होती है।

मतलब ज्यादा से कम की ओर

जैसे अगर आप गैस सिलेंडर को ऑन करके छोड़ दें तो वह गैस तो सिलेंडर के अंदर भरी गैस, सिलेंडर से निकलकर उन जगहों पर जाने लगती है जहां वह नहीं उपलब्ध है।

मान लीजिए गैस (एलपीजी) सिलेंडर आपके किचन में रखा हुआ है और आपने उसे ऑन करके छोड़ दिया ऐसे में सिलेंडर की गैस की बदबू थोड़ी ही देर में आपको छत पर भी महसूस होगी, ऐसा किस वजह से हुआ? ऐसा इसलिए क्योंकि गैस सिलेंडर के अंदर गैस भरपूर मात्रा में थी; वहां मात्रा ज्यादा थी लेकिन छत पर तो मात्रा शून्य थी तो वह एलपीजी गैस डिफ्यूजन की प्रक्रिया से विसरण होकर के छत पर पहुंच पहुंच गई।

विसरण (डिफ्यूज़न) उन अवस्था के पदार्थों में ज्यादा प्रभाव से होता है जिनके परमाणुओं व अणुओं में एक दूसरे को जकड़े रखने की ताकत कम होती है जैसे गैसें पानी जूस इत्यादि।


पानी गीला होने व फैलने के कारण – Paani Gila Kyu Hota Hai

पानी आखिर गीला ही क्यों होता है वह किसी ठोस धातु के समान जकड़ा हुआ क्यों नहीं होता है आखिर क्यों पानी फैलता है। इन सबका राज़ छिपा है पानी की केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) में।

दरअसल, पानी एक द्रव्य है और किसी भी द्रव्य में उसके अंदर के परमाणु/एटम या अणु /मॉलिक्यूल दूरी पर होते हैं। इसी के कारण यह गिरने पर फैल जाता है।

थोड़ा और समझने के लिए,

रसायन विज्ञान के अनुसार दुनिया में पाया जाने वाला कोई भी सामान मुख्य रूप से तीन अवस्थाओं में ही होता है –

  • ठोस या सॉलिड
  • द्रव्य या लिक्विड
  • वाष्प या गैस

ठोस अवस्था में अणु/मॉलिक्यूल सबसे नजदीक होते हैं और बहुत ताकत से एक दूसरे को जकड़े हुए होते हैं यह ताकत अलग अलग ठोस पदार्थों के लिए कम या ज़्यादा हो सकती है। जैसे – प्लास्टिक के सामान को जमीन पर पटके तो वह जल्दी टूट कर फैल सकता है बजाय लोहे के सामान को उसी गति से पटकने पर।

द्रव्य में यह पार्टिकल (मॉलिक्यूल) ठोस की तुलना में ज्यादा दूरी पर होते हैं और कम ताकत से जुड़े होते हैं।

वाष्प या गैस अवस्था में पाई जाने वाली चीजों में इन अणुओं (मॉलिक्यूलों) के बीच की दूरी और भी ज्यादा होती है। इसलिए यह किसी द्रव्य के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से फैलती है।

पानी के गीला होने का कारण – Pani Ke Gila Hone Ka Main Reason

पानी आखिर गीला ही क्यों होता है

पानी (जल) के द्रव्य स्थिति में होने के कारण उसमें मौजूद हाइड्रोजन व ऑक्सीजन परमाणुओं से बने अणु, यानी जो मॉलिक्यूल होते हैं, वह बहुत ज्यादा ताकत से जुड़े नहीं होते हैं तथा उनके बीच की दूरी भी ज्यादा होती है इस वजह से यह कहीं भी गिरने पर बहुत ही आसानी से फैल जाते हैं। किसी भी सामान में डालने पर उस सामान का ही आकार ले लेते हैं। जैसे अगर आप जल/पानी को शीशी में डालोगे तो वह उस शीशी का ही आकार ले लेता है। इसके अलावा अगर यह कहीं और गिरता है तो यह उस सामान में मौजूद परमाणु और अणु से संबंध बनाकर भी चिपक जाते हैं और फैलने लगते हैं जैसे अगर पानी आपकी पेंट पर गिर गया है तो आपकी पेंट को वह पूरी तरीके से भिगो देता है और उसी में चिपक जाता है ऐसा नहीं है कि पेंट झाड़ते ही सारा पानी एकदम से गायब हो जाता है।

या अगर पानी को लाल रंग पर डाला जाए तो पानी भी लाल हो जाता है क्योंकि पानी के अणु, लाल रंग के अणुओं के साथ चिपक जाते हैं।

हाइड्रोजन और ऑक्सीजन जिस भौतिक अवस्था में होते हैं उसके कारण वह हमें नमी महसूस कराते हैं

जब पानी के माध्यम से हम इसके इतने सारे अणुओं व परमाणुओं के संपर्क में आते हैं तो वह जो भयंकर नमी का एहसास होता है उसे ही हम गीलापन कहते हैं। इन्हीं कारणों की वजह से पानी गीला होता है।


मुझे उम्मीद है दोस्तों कि अब आपको यह समझ आ गया होगा कि पानी या जल गीला क्यों होता है। अगर अब भी आपके मन में कोई सवाल हो तो बेझिझक आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।


पानी गीला क्यों होता है?

पानी गीला इसलिए होता है क्यूंकि पानी हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बना होता है, इन दोनों के मिलन से इनके नम भौतिक अवस्था में होने के कारण यह तरल में परिवर्तित हो जाते हैं। सामान्य रूप से तरल की प्रकृति गीली होती है। इसके वैज्ञानिक कारण हैं, इन सभी चीज़ों को स्पष्ट रूप से समझने के लिए हमारी पूरी पोस्ट पढ़ें।

पानी किन चीज़ों से मिलकर बना होता है ?

पानी हाइड्रोजन व ऑक्सीजन परमाणु से बना होता है। हाइड्रोजन व ऑक्सीजन मिलकर के H2O अणु बनाते हैं। इसी H2O को रसायन भाषा में पानी कहते हैं।

क्या पानी और जल एक ही चीज़ है ?

जल और पानी एक ही चीज़ हैं, पानी जल का पर्यायवाची है परन्तु कभी कभी पानी शब्द का इस्तेमाल दूसरे सन्दर्भ में भी हो सकता है जैसे नारियल पानी, गटर का पानी आदि।


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